कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने जाने को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ ने शासन से फैसले को पुनर्विचार करने की मांग की है। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संघ की ब्लॉक अध्यक्ष रीतादेवी, कोषाध्यक्ष दुर्गा मंडावी, ओमलता सोनी ने कहा कोरोना के बढ़ते संक्रमण में आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलकर शिशुवती तथा गर्भवती माताओं को केंद्र बुलाने का मतलब राज्य में कोरोना संक्रमण के फैलाव को और तेज करना है। संघ ने इसे अव्यवहारिक और खतरनाक निर्णय बताते हुए सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संक्रमण की फैलती स्थिति को देखते हुए 30 सितंबर तक स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटरों को बंद रखने का फैसला लिया गया है और शिशु गर्भवती महिलाओं तथा 65 वर्ष से अधिक उम्र की महिला एवं पुरुष और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर से नहीं निकलने की पूर्ण रूप से हिदायत दी गई है।
वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा केंद्र खोलकर आंगनबाड़ी केंद्रों में बुलाए जाना समझ से परे है। हितग्राहियों कार्यकर्ता महिलाओं के लिए किसी भी प्रकार की कोई सुरक्षा सामग्री नहीं है। इससे संक्रमण फैलने का डर बना रहेगा। इस दौरान प्रीति साहू निर्मला नरेटी, दुकालो नेताम, शकुंतला कौशल्या आदि उपस्थित थीं।
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