ईसीएल मुगमा क्षेत्र के क्वारडीह सेक्सन की भूमिगत खदान के बीपी सीम में बाेरहाेल के लीकेज से शुक्रवार की रात पानी भर गया। इससे वहां से कोयला खनन पूरी तरह ठप हो गया। हालांकि, संयाेग अच्छा रहा कि दूसरी पाली में वहां काम कर रहे 35 कर्मी बाल-बाल बच गए। उन्होंने खदान से निकल कर वरीय अधिकारियों को सूचना दी। शनिवार की सुबह अपर महाप्रबंधक के नेतृत्व में सेफ्टी दल ने खदान के अंदर जाकर एचडीएल मशीन और मोटर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कोलियरी प्रबंधन का कहना है कि खदान में भरे पानी काे जल्द निकाल लिया जाएगा और फिर से उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, कर्मियाें का कहना है कि सीम का पूरा फेस जलमग्न हाे गया है। इससे पानी निकालने में 15 दिन भी लग सकते हैं। प्रबंधन के मुताबिक, बीपी सीम से राेजाना 130 से 150 टन काेयले का खनन हाेता था। पानी भर जाने से कंपनी काे हर दिन करीब 75 हजार रुपए का नुकसान हाेने की आशंका है।
विस्फाेट हाेते ही हाेल से तेज आवाज के साथ हाेने लगा रिसाव, एचडीएल मशीन, पंप सेट निकाला गया
लखीमाता कोलियरी की भूमिगत खदान के साथ-साथ खुदिया कोलियरी के एमएच तथा कालीमाटी सीम, बीपी सीम के ऊपर और नीचे संचालित होता है। सीम के 34 एवं 35 नंबर लेबल में कोयला निकालने के लिए ड्रिल मशीन से छेद कर उसमें बारूद भरकर विस्फोट किया जा रहा था। बारूद विस्फोट होते ही उसमें बनाए गए 6 इंच ड्रिल से अचानक तेज आवाज के साथ पानी रिसाव शुरू हो गया। पानी रिसाव को रोकने के लिए मजदूरों ने काफी प्रयास किया, परंतु वे सफल नहीं हुए। शनिवार की सुबह जांच दल खदान के अंदर जाकर एचडीएल मशीन एवं पंप सेट को सुरक्षित बाहर निकाला।
मजदूरों की सजगता से बड़ा नुकसान टल गया
बोरहोल में लीकेज से पानी भरा है। शनिवार की रात 8:00 बजे तक पानी ग्राउंड लेवल तक पहुंच चुका था। खदान से मौजूद एचडीएल मशीन और अन्य उपकरणों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। पानी की निकासी युद्ध स्तर पर जारी है। एक सप्ताह में उत्पादन फिर शुरू हाे जाएगा। मजदूराें की सजगता से बड़ा नुकसान टल गया।''
अजय कुमार, एजीएम, ईसीएल मुगमा क्षेत्र
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