14 दिसंबर को साल का आखिरी सूर्यग्रहण होगा। ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसका सूतक नहीं लगेगा। ज्योतिषाचार्याें के अनुसार इसके बाद अगले साल 2 सूर्यग्रहण होंगे, लेकिन ये दोनों ग्रहण भी नहीं दिखाई देंगे। इस कारण इनका धार्मिक महत्व नहीं है। 2 साल बाद 25 अक्टूबर 2022 को जो आंशिक सूर्यग्रहण होगा, वह भारत में दिखेगा। 14 दिसंबर को भारत में सूर्यास्त के बाद शाम 7:04 बजे से सूर्यग्रहण शुरू होग,। जो रात 9:43 पर मध्य स्थिति में रहेगा। ग्रहण रात 12:23 पर खत्म हो जाएगा।
भारत में रात होने की वजह से ये ग्रहण दिखाई नहीं देगा। ये ग्रहण दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका, पश्चिम-दक्षिण अफ्रीका, प्रशांत महासागर के दक्षिण भाग और गैलापागोस आइलैंड में दिखेगा। इससे पहले साल के सबसे लंबे दिन 21 जून को सूर्यग्रहण दिखा था। अब आंशिक सूर्यग्रहण 25 अक्टूबर 2022 की शाम को सूरज डूबने के पहले दिखेगा। वहीं अगले साल 10 जून को आंशिक और 4 दिसंबर को पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, परंतु दोनों भारत में नहीं दिखेगा।
मान्यता- आज मौनव्रत रखने से हजारों गायें दान करने का मिलता है फल
पीपल के पेड़ की पूजा से पितृदोष से मिलती है मुक्ति
मान्यता है कि पीपल के पेड़ में पितराें और सभी देवों का वास होता है। सोमवती अमावस्या के दिन दूध में पानी और काला तिल मिलाकर सुबह पीपल को चढ़ाते हैं। ऐसा करने से पितृदोष से मुक्ति मिल जाती है।
साल की आखिरी सोमवती अमावस्या भी आज, अब अप्रैल 2021 में बनेगा संयोग
साल की आखिरी अमावस्या 14 दिसंबर काे है। ज्याेतिषाचार्याें के अनुसार, सोमवती अमावस्या का संयोग साल में 2 या कभी-कभी 3 बार भी बन जाता है। इस अमावस्या को हिन्दू धर्म में महत्व है। इस दिन विवाहित स्त्रियां पति की लंबी उम्र की कामना के साथ व्रत रखती हैं। इस दिन मौन व्रत रखने की भी परंपरा है। कहा जाता है कि इस माैन व्रत से हजारों गायें दान करने का फल मिलता है। सोमवती अमावस्या पर तीर्थ स्थानों पर जाकर पवित्र नदियों के जल से स्नान करने की परंपरा है। साल 2020 में कुल तीन सोमवती अमावस्या आईं। दिसंबर के पहले 20 जुलाई और 23 मार्च को सोमवती अमावस्या का संयोग बना था। अब अगले साल 12 अप्रैल को यह संयोग बनेगा। उसके बाद 6 सितंबर को सोमवती अमावस्या पड़ेगी।
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