जिले की सभी पंचायताें में सरकारी स्वास्थ्य केंद्राें पर इलाज की सुविधा मिलेगी। सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन केंद्राें काे चालू करने की याेजना तैयार की जा रही है। डीसी उमाशंकर सिंह ने स्वास्थ्य केंद्राें की स्थिति, केंद्राें के सुचारू रूप से संचालन के लिए चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टाफ सहित अन्य सुविधाओं का ब्याैरा जल्द मांगा है। स्वास्थ्य विभाग भी पंचायताें में बने अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र व स्वास्थ्य उपकेंद्राें की माैजूदा स्थिति का आकलन कर आगे का राेडमैप तैयार करने में जुट गया है।
बताते चलें कि जिले के अधिकतर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र व उप स्वास्थ्य केंद्र सहिया के भराेसे संचालित हाे रहा है। कहीं स्वास्थ्य केंद्र वर्षाें से बंद है ताे कहीं विभाग के कर्मचारियाें का आशियाना बना हुआ है। सिविल सर्जन डाॅ गाेपाल दास की मानें ताे एक स्वास्थ्य केंद्र पर न्यूनतम एक चिकित्सक, चार नर्सिंग स्टाफ, दाे वार्ड ब्वाय, दाे स्वीपर की आवश्यकता हाेगी। नियुक्ति अनुबंध पर की जाएगी या मैनपावर आउटसाेर्स किए जाएंगे, यह तय हाेना है। हालांकि डीसी उमाशंकर सिंह ने नियुक्तियाें में जिले के काेविड अस्पताल व काेविड केयर सेंटर से हटाए गए कर्मचारियाें काे प्राथमिकता देने की बात कहते हैं।
केंद्रों में उपचार के साथ प्रसव कराने का भी इंतजाम
पंचायत स्तर पर बने स्वास्थ्य केंद्राें पर मरीजाें का प्राथमिक उपचार, प्रसव का इंतजाम के साथ एनआरएचएम के तहत संचालित अन्य याेजनाएं जिनमें मुख्यमंत्री जननी सुरक्षा याेजना, जननी शिशु सुरक्षा याेजना, परिवार नियाेजन और टीकाकरण की सुविधाएं मिलेंगी।
अभी क्या है स्वास्थ्य केंद्राें का हाल
धनबाद जिले में अभी 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 28 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व 148 स्वास्थ्य उप केंद्र हैं। 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सरकारी चिकित्सकाें के साथ हाल में डीएमएफटी से नियुक्त चिकित्सकाें काे जिम्मेवारी साैंपी गई है। 24 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में से 20 में डॉक्टर तैनात हैं, जबकि बाकी 4 केंद्रों को डॉक्टर मिलने का इंतजार है। वहीं 148 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में बलियापुर प्रखंड के 17 उपकेंद्रों की जिम्मेवारी 4 डॉक्टरों के पास है। धनबाद प्रखंड के 18 उपकेंद्रों में डॉक्टर हैं, जबकि 5 में डॉक्टर की नियुक्ति नहीं है। यहां 6 केंद्र ऐसे भी हैं, जहां कागज पर ही डॉक्टर प्रतिनियुक्ति है। झरिया और तोपचांची के 17, निरसा के 21, बाघमारा के 19 और गोविंदपुर के 18 उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां डॉक्टर हैं ही नहीं।
इधर, बीसीसीएल को मिले 5 स्पेशलिस्ट समेत 12 डॉक्टर
लंबे समय से चिकित्सकाें की कमी झेल रही बीसीसीएल काे पांच स्पेशलिस्ट समेत कुल 12 चिकित्सक मिले हैं। सभी स्पेशलिस्ट बीसीसीएल से सेवानिवृत हैं। इन्हें अनुबंध पर नियुक्त किया गया है। सेंट्रल अस्पताल में हड्डी राेग विशेषज्ञ डॉ मुकेश कुमार, पूर्व सीएमओ डॉ एस घाेषाल और पैथोलॉजी विभाग में डॉ एसके झा की नियुक्ति की गई है। मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ आरडी मांडी काेयला नगर अस्पताल व नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ आरडी मिश्रा काे लाेयाबाद क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात रहेंगे। विशेषज्ञ चिकित्सकाें के अलावा 7 जीडीएमओ का चयन किया गया है। नियुक्ति संविदा के आधार पर 11 माह के लिए की गई है।
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