68 वर्षीय मरीज की मौत के बाद भी इलाज का बिल बढ़ाने के लिए उसे वेंटिलेटर पर रखकर दवाएं मंगाई जाती रहीं। बरटांड़ स्थित एशियन जालान अस्पताल पर यह आरोप लगाते हुए मरीज के परिजनों ने रविवार को खूब हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को लापरवाह करार दिया और सिर्फ पैसा उगाही के लिए मरीज और उसके परिजनों को धोखे में रखने का आरोप लगाया। परिजनों के मुताबिक, झरिया के 68 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद केशरी को गुरुवार की रात दिल का दौरा पड़ने पर पहले एक स्थानीय अस्पताल और फिर जालान अस्पताल ले जाया गया।
जालान में डॉक्टर ने तत्काल ऑपरेशन की जरूरत बताई। देर रात ऑपरेशन किया गया और फिर मरीज को आईसीयू में रखा गया। रविवार की सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन सत्यम ने कहा कि चिकित्सक ने शनिवार की शाम को ही मरीज को डिस्चार्ज करने की बात कही थी और सुबह में बताया गया कि उनकी मौत हो गई। उस बीच पांच बार 10-10 हजार रुपए की दवाएं मंगाई गईं। सुबह में भी दवा की लिस्ट दी गई। किसी तरह जब मरीज तक पहुंचे, तो पाया कि उसकी सांसें बंद थीं। उनकी मौत हो चुकी थी। सत्यम ने कहा कि 1.57 लाख रुपए का बिल थमाया गया है।
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