पिछले तीन दिनों से झारखंड के सभी जिलों सहित रांची में भी संक्रमितों की संख्या अब घटने लगी है, लेकिन इन सब के बीच गर्भवती महिलाएं या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों की परेशानी बनी हुई है। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी या फिर रोगी को इलाज के लिए कोविड जांच रिपोर्ट की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में रोजाना 400-450 लोग सदर अस्पताल में कोविड की जांच के लिए पहुंच रहे हैं। उनकी परेशानी को देखते हुए सदर में तीन तरह से जांच के लिए सैंपल का कलेक्शन किया जा रहा है। इनमें 200-250 ट्रूनेट, 150-170 लोग आरटीपीसीआर और 90-100 रैपिड एंटीजेन टेस्ट किया जा रहा है।
वैसे लोग जिनकी तबीयत ठीक है, कोरोना का लक्षण नहीं दिख रहा है या वैसी गर्भवती महिलाएं जिनकी डिलीवरी की तारीख 10-12 दिन बाद की है। उनका सैंपल आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए लिया जा रहा है और जांच के लिए रिम्स भेजा जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट 4-5 दिनों के बीच आ रही है।रांची से कोरोना के 119 नए संक्रमित मिले : रांची से बुधवार को कोरोना के 119 नए संक्रमित मिले। दूसरी ओर 156 मरीज इस संक्रमण से मुक्त भी हुए। संक्रमित मरीजों में 58 रिम्स से हैं, जिनमें दो सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर भी शामिल हैं। इसके अलावा अन्य संक्रमित रांची के डोरंडा, धुर्वा, हटिया, तुपुदाना और हाईकोर्ट से मिले हैं।
आरटीपीसीआर... 4 से 5 दिन में मिल रही रिपोर्ट
आरटीपीसीआर जांच के लिए लोगों का स्वाब नाक एवं तालू से लिया जा रहा है। इसे सैंपल में कन्वर्ट कर जांच के लिए रिम्स भेजा जा रहा है। चूंकि रिम्स में रोजाना हजारों सैंपलों की जांच की जा रही है, जिससे रिपोर्ट मिलने में 4 से 5 दिन लग रहा है।
ट्रूनेट टेस्ट... में रिपोर्ट दो दिन में मिल जाती है
दूसरा टेस्ट ट्रूनेट मशीन के जरिए हो रहा है। वैसे लोग जिनमें कोरोना का लक्षण दिखाई दे रहा है या फिर गर्भवती महिलाएं, जिनकी डिलीवरी की डेट 5-7 दिन में है, का स्वाब गले से लिया जा रहा है। इनको दो दिनों के अंदर रिपोर्ट मिल रही है।
रैपिड एंटीजेन टेस्ट... उनका जिन्हें आधा घंटे में रिपोर्ट चाहिए
तीसरा टेस्ट रैपिड एंटीजेन से किया जा रहा है। यह वैसे लोगों के लिए है, जो बहुत गंभीर रूप से बीमार हैं या फिर उनकी डिलीवरी की तारीख एक-दो दिनों के बीच की है। ऐसे लोगों को सैंपल देने के आधा घंटा के बाद रिपोर्ट मिल जा रही है। रैपिड एंटीजेन टेस्ट के लिए लोगों का स्वाब नाक से लिया जाता है।
एसआरएफ आईडी जेनरेट नहीं किया, लैब को शोकॉज
कोविड-19 सैंपल की जांच कर रहे निजी लैब माइक्रो प्रैक्सिस को बुधवार को डीसी छवि रंजन ने शोकॉज नोटिस जारी किया है। एसआरएफ आईडी जेनरेट नहीं करने और डाटा मैनेजमेंट की जरूरतों का अनुपालन नहीं किए जाने को लेकर शोकॉज जारी किया गया है। लैब संचालक को 13 अगस्त की शाम 5.00 बजे तक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में पूछा है कि क्यों न आपके विरुद्ध एपिडेमिक डिजीज एक्ट के नियमों के तहत कार्रवाई की जाए।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/30Pwd3B






No comments:
Post a Comment