आयुक्त प्रताप चन्द्र किचिंगिया की अध्यक्षता में ई-मुलाकात के माध्यम से आपदा सेे संबंधित मामलों पर बैठक का आयोजन किया गया। उपविकास आयुक्त के कक्ष में सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा वन प्रमण्डल पदाधिकारी संग हुए ई-मुलाकात बैठक के हाथी के द्वारा किये गए क्षति या मृत्यू, सर्पदंश से हुई मृत्यु, सड़क दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा जैसे वज्रपात, आगजनी, वज्रपात से हुई मृत्यु से संबंधित मामले जो विगत छः माह से विभिन्न अखबारों में प्रकाशित हुये है एवं प्रखण्ड को जानकारी प्राप्त हुई है। सोशल मीडिया से प्राप्त प्रतिवेदन पर गहन समीक्षा की गई।
उपविकास आयुक्त ने कहा कि हाथी, सड़क दुर्घटना, सर्पदंश, प्राकृतिक आपदा के कारण हुई मृत्यु पर एफआईआर एवं पोस्टमार्टम कराना सुनिश्चित किया जाए। जिससे इस आपदा पर सरकार के द्वारा दी जा रही लाभ को तत्काल लाभुकों तक पहुंचाया जा सके। सभी अस्पतालों में एन्टीभेनल दवा है या नहीं उसका प्रतिवेदन संग्रह कर समर्पित करें। बीडीओ एवं सीओ हाथी से हुये घटना पर तुरन्त स्थल जांच करते हुए प्रतिवेदन समर्पित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करें। वन प्रमण्डल पदाधिकारी ने कहा कि पंपलेट के माध्यम से सभी जगह-जगह इसका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कहीं भी घटना होती है तो उसे वन विभाग को सूचित किया जाए।
जिस पर जांचोपरांत चार लाख रुपए तक का लाभ दिया जा सकता है। अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि सभी प्रखण्ड में एम्बुलेंस को टैग कर दिया गया है। सड़क दुर्घटना के रोकथाम के लिए रूट मैपिंग बनाकर एम्बुलेंस को जगह-जगह पर मुस्तैद करा दें। जिससे व्यक्तियों को तुरन्त स्वास्थ लाभ दिलाया जा सके। सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को एक सप्ताह में कार्रवाई प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया गया। प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार को शाम 4 बजे ई-मुलाकात के माध्यम से इस बैठक का आयोजन किया जाएगा।
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