ऑटोनॉमस छोटानागपुर डायसिस ने बुधवार को सीएनआई सिनॉड द्वारा बिशप बीबी बास्के को पद से हटाने व डायसिस की संपत्तियों पर सीएनआई के मॉडरेटर कमीशरी का अधिकार होने की बात पर प्रतिक्रिया जाहिर की। डायसिस के सचिव विखल बाखला ने कहा कि कलीसिया में जब किसी व्यक्ति का पदाभिषेक पुरोहित या बिशप के रूप में होता है तो यह एक धार्मिक अनुष्ठान है। जो जीवन भर के लिए होता है। बिशप के बारे में यह कहना कि अब वह केवल बीबी बास्के के नाम से जाने जाएंगे। यह मसीही विश्वास, आस्था व धार्मिक अनुष्ठान के प्रति अविश्वास का कार्य है।
बिशप पूर्व की तरह ही काम करते रहेंगे। सीएनआई सिनॉड द्वारा लिए गए सभी निर्णय आधारहीन है, क्योंकि 17 जुलाई को ही डायसिस ने सिनॉड से अलग होने का निर्णय लिया था। मॉडरेटर कामेशरी रेव्ह जोलजस कुजूर का डायसिस के किसी भी चल-अचल संपत्ति पर किसी प्रकार का अधिकार नहीं है, क्योंकि सीएनआई द्वारा गठित एडहॉक कमेटी के 15 सदस्यों में से 9 सदस्यों ने एडहॉक कमेटी को छोड़ डायसिस को समर्थन दिया है। छोटानागपुर डायसिस को पुनः सुचारू रूप से चलने के लिए प्रक्रिया जारी है।
सदस्य बोले...सीएनआई मॉडरेटर ने गैर जिम्मेराना काम किया
सदस्यों ने कहा कि सीएनआई मॉडरेटर ने गैर जिम्मेराना काम किया है। डायसिस के सदस्य विकास परधीय ने कहा की सिनॉड द्वारा घोषित मॉडरेटर कमीशरी रेव्ह कुजूर को डायसिस ने निष्कासित किया था। अब डायसिस के पुरोहित नहीं रहे हैं। यदि वह सही है, तो उन्हें पदभार ग्रहण करने के लिए इतने लोग लाने की आवश्यकता नहीं होती।
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