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Thursday, September 24, 2020

आरएमए डॉक्टरों के भरोसे हैं कोविड सेंटर चिकित्सा अधिकारी नहीं जाते मरीज देखने

कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए बनाए गए 200 बेड के कोविड-19 केयर सेंटर में सिर्फ आरएमए डॉक्टरों की ड्यूटी ही अब तक लग रही है। कुछ डॉक्टरों की ड्यूटी कागजों पर जरूर लग रही है पर वह कभी अपनी सेवाएं देने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। नियमानुसार कोरोना मरीजों के उपचार के लिए एक चिकित्सा अधिकारी को केयर सेंटर में हर वक्त उपलब्ध होना होता है। पर जशपुर में इसकी परवाह नहीं की जा रही है। आरएमए डॉक्टरों का आरोप है कि कई बार गंभीर मरीजों को देखने के लिए भी चिकित्सा अधिकारी नहीं पहुंचते हैं। कोविड केयर सेंटर में अन्य डॉक्टरों की भी ड्यूटी लगाए जाने की मांग को लेकर सभी डॉक्टरों ने सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपा है।
कोविड-19 के पॉजिटिव मरीजों के बेहतर प्रबंधन के लिए भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश को ताक में रख कर मानव संसाधन के कर्मचारियों की ड्यूटी को आरएमओ डॉक्टरों ने न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन भी बताया है। ज्ञापन में कहा गया है कि उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश एवं शासन के दिशा निर्देश के अनुसार ग्रामीण चिकित्सा सहायक से केवल ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं हेल्थ वेलनेस सेंटर में ही प्राथमिक चिकित्सा कार्य लिया जाना है।
पर विभाग द्वारा न्यायालय आदेश की अनदेखी कर जबरन कार्रवाई का डर दिखा कर नियम विरुद्ध कार्य लिया जा रहा है। जबकि दिशा निर्देशानुसार यह स्पष्ट है कि चिकित्सकीय कार्य केवल चिकित्सा अधिकारी के द्वारा किया जाना है। केयर सेंटर में शुरुआत से ही आरएमए एवं स्टाफ नर्स के द्वारा ही सभी चिकित्सकीय कार्य कराए जा रहें है। यहां तक कि गंभीर मरीज होने के बावजूद भी चिकित्सा अधिकारी के द्वारा यह कहा जाता है कि मैं सिर्फ ऑन काॅल उपलब्ध हूं और काॅल करने से देखने तक नहीं आते है। साफ साफ आने से मना किया जाता है एवं उनके द्वारा भी बोला जाता है कि आप आरएमए लोग मुझे किसी काम के लिए नही बोल सकते। साथ ही आरएमए के पर ही दबाव बनाया जाता है कि वह सभी चिकित्सकीय एवं प्रबंधकीय कार्य करें।

प्रबंधन का जिम्मा भी आरएमए पर
आरएमए कर्मचारियों का आरोप है कि जून माह से ही केयर सेंटर के भोजन सहित अन्य कामों का जिम्मा उन्हें दे दिया गया है। भोजन में गुणवत्ता नहीं है और फूड सप्लायर की बातचीत उच्च प्रबंधन से होती है। दो चिकित्सकों की पदस्थापना कोविड केअर सेंटर के लिए डीएमएफ फंड से की गई है, जो वहां रहते नहीं ही नहीं हैं। समस्त कार्य आरएमए के भरोसे संचालित हो रहा है । जिससे ब्लॉकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का कार्य प्रभावित हो रहा है। लाइवलीहुड कोविड केयर सेंटर जशपुर जून माह से संचालित है। जिसमें आयुष चिकित्सा अधिकारी की ड्युटी भी लगाई जा रहीं है पर किसी आयुष चिकित्सक के द्वारा अपनी उपस्थिति नहीं दी गई हैं। संस्था में ड्युटी के दौरान 2 स्टाफ एवं 1 आरएमए संक्रमित हो चुके है।



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