जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी-बिहारपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को देखते हुए महुली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। इससे महुली क्षेत्र के 23 गांव के 28376 लोगों को लाभ मिलेगा। अभी महुली में उप स्वास्थ्य केंद्र बना हुआ है, जहां डॉक्टर नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है और प्रसव के लिए दूर जाते समय रास्ते मे ही प्रसव और नवजात और महिलाओं की मौत होने के मामले सामने आते हैं। मालूम हो कि ओड़गी तहसील में कालापानी के नाम से मशहूर बिहारपुर क्षेत्र में एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहारपुर में है, जहां महुली उप स्वास्थ्य केंद्र से दूरी 12 किमी तक है। ऐसे में आसपास के लोगों को बिहारपुर तक पहुंचने में सड़क खराब होने से घंटे लग जाते है। इससे कई बार गाड़ी में ही प्रसव होना या फिर नवजात और महिलाओं की मौत के मामले सामने आते रहते हैं। क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था को देखते हुए दैनिक भास्कर लगातार खबरों के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ठ कराता रहा है। इसी क्रम में अब स्वास्थ्य विभाग ने महुली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है।
यह है क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति
बिहारपुर उप स्वास्थ्य केंद्र से ओड़गी सीएचसी की दूरी 80 किमी व बिहारपुर की दूरी 12 किमी है। वहीं बिहारपुर में कुल 5 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें महुली, बिहारपुर, नवाटोला, ठाइपाथर व पासल शामिल हैं। इन 5 उप स्वास्थ्य केंद्रों में 23 गांव आते हैं, कुल जनसंख्या 28376 है। क्षेत्र के 12 गांव पहाड़ी, नदी-नाले और जंगलों से घिरे हुए हैं और 11 गांव पहुंच में हैं।
इन गांवों को मिलेगा लाभ
खंड चिकित्सा अधिकारी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में बताया कि महुली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने पर यहां महुली के 6, नवाटोला के 6, बिहारपुर के 4, ठाड़पाथर के 4 और पासल के 3 गांवों को इसमें शामिल किया जाएगा। खंड चिकित्सा अधिकारी ने लोगों की मांग और समस्याओं को देखते हुए महुली उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने का प्रस्ताव मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी को भेजा है।
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