Breaking

Saturday, October 17, 2020

सटोरिए ने मकान के चारों ओर लगाया कैमरा, पुलिस आती देख भागा, घेराबंदी में गिरफ्तार

राजधानी में हाईटेक तरीके से आईपीएल क्रिकेट सट्टा चलाने वाले युवक को पुलिस ने छापा मारकर शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने मकान के चारो ओर कैमरा लगा है। कैमरे का कंट्रोल और मॉनिटरिंग वह मोबाइल से कर रहा था। पुलिस ने शुक्रवार देर रात उसके मकान में छापा मारा, तो उसे पता चल गया। पुलिस को मकान के भीतर आता देखकर उसने पूरा सामान समेट लिया और पीछे के दरवाजे से भागा।

पुलिस ने मकान के चारो ओर तगड़ी घेराबंदी की थी, इसलिए आरोपी भागने में सफल नहीं हो पाया और पकड़ा गया। आरोपी मकान के एक कमरे में पिछले एक महीने से सट्टा चला रहा था। वहां किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं थी। पुलिस ने उसके कमरे की तलाशी के दौरान 5 मोबाइल, 2 टैब, लैपटॉप और पेनड्राइव जब्त किया है। आरोपी के पास हिसाब-किताब की डायरी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। आरोपी पिछले साल भी क्रिकेट सट्टा में पकड़ा चुका है।

पुलिस ने बताया कि श्रीरामनगर फेस-2 में बाबा नेगी उर्फ चितरंजन प्रसाद (37) का मकान है। वह क्रिकेट का बड़ा सटाेरिया है। पिछले साल भी पुलिस ने उसे क्रिकेट सट्टा में ही गिरफ्तार किया था। वह उस समय जमानत पर छूट गया था। इस बार भी वह आईपीएल क्रिकेट सट्टा चला रहा था। उसने इस बार पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए घर के चारो ओर कैमरा लगाया था।

एजेंट करते हैं पैसे की वसूली

उसने रात में मोबाइल पर देखा कि उसके घर के आसपास कुछ पुलिस वाले दिख रहे हैं। वह अलर्ट हो गया। उसने तुरंत अपना सभी मोबाइल बंद कर दिया और पूरा सामान समेट दिया। वह पीछे के रास्ते से बाहर निकल रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आरोपी के पास से 50 लाख से ज्यादा की सट्‌टा-पट्टी मिली है।

आरोपी सट्टा का पैसा अपने पास नहीं रखता था। उसने पैसा वसूली के लिए एजेंट रखे हुए हैं, जिन्हें वह रोज का हिसाब देता था। उसके एजेंट सट्टा खेलने वालों से संपर्क करके पैसा वसूली करते हैं। पुलिस ने डायरी की जांच शुरू कर दी है। इसमें 125 से ज्यादा लोगों का नाम और नंबर मिला है।

हाईटेक सॉफ्टवेयर में सट्टे का हिसाब-किताब

उसने हाईटेक सॉफ्टवेयर बनाया था, जिसमें सट्टा का रोज का हिसाब होता था। इसे वह अपने पैनड्राइव में रखता था। यह पैनड्राइव सिर्फ नेगी के ही लैपटॉप पर ही खुलता है। अन्य किसी सिस्टम में पैनड्राइव के डेटा को देखा नहीं जा सकता। आरोपी के मोबाइल में दो एप मिले हैं, जिससे मैच का भाव और लाइव अपडेट देखा जाता है।

इसी एप के माध्यम से बाबा नेगी दाव लेता था। इसमें टीम से लेकर खिलाड़ियों का अलग-अलग भाव दिया गया है, जो लगातार बदलते रहता है। इसे इंटरनेशनल रेट बोला जाता है। वह इंटरनेट के लिए वाई-फाई का उपयोग कर रहा था। ताकि उसे ट्रैस न किया जा सके। वह रोज का हिसाब पहले कॉपी में लिखता था और फिर उसे पैनड्राइव में लेता था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
पुलिस ने जब्त किया सामान


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/347XT5F

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Pages