दुर्गोत्सव में अन्य जिलों से आने वालों की इंट्री प्वाइंट पर कोरोना जांच होगी। पॉजिटिव पाने पर उन्हें कोविड केयर सेंटर भेजा जाएगा। यह व्यवस्था संक्रमण रोकने के लिए प्रशासन ने की है। शहर के इंट्री प्वाइंट बिष्टुपुर में खरकाई ब्रिज के पास, कदमा टोल ब्रिज, सोनारी दो मुहानी ब्रिज व पारडीह में चेकनाका व टेस्ट सेंटर बनेगा। शनिवार को एसडीओ नीतीश कुमार सिंह व एडीएम नंद किशोर लाल ने चेकनाका व विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया।
किसी भी पूजा स्थल पर मेला नहीं लगेगा, इसके बावजूद सभी पूजा पंडालों में दंडाधिकारी व पुलिस बल के जवानों की तैनाती होगी। विसर्जन स्थल पर सफाई, लाइट की व्यवस्था व सड़कों की मरम्मत कराने का आदेश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिया। कहा- प्रशासनिक अधिकारियों के बीच घाट की जिम्मेदारी बांटी है।
प्रशासन की निगरानी में प्रतिमा विसर्जन
समितियों को प्रशासन ने सूचित किया है कि निर्धारित समय में प्रतिमा का विसर्जन करें। अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा- जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में प्रतिमा का विसर्जन होगा, उसमें अनधिकृत व्यक्ति मौजूद नहीं रहेंगे। प्रतिमा विसर्जन के लिए सभी समितियों को अलग-अलग समय का निर्धारण किया जाएगा। इसकी सूचना उन्हें प्रशाशन पूर्व में ही दे देगा, ताकि समय पर विसर्जन कर सकें।
घर पर रह रहे कोरोना मरीज न निकलें
होम आइसोलेशन में रहने वाले घर से बाहर न निकलें। इनकी तीन स्तरीय मॉनिटरिंग हो रही है। संबंधित इंसीडेंट कमांडर से हर दिन दो बार रिपोर्ट ले रहे हैं, कंट्रोल रूम से भी फोन कर मरीज से बात की जा रही है। जमशेदपुर-आसपास में होम आइसोलेशन में रहने वालों की 960 मरीज हैं। अभी वह 14 दिनों के होम क्वारेंटाइन में हैं। अधिकारी औचक निरीक्षण भी करेंगे।
मोबाइल लोकशन ऑन रखना अनिवार्य
घर पर रुके संक्रमितों 24 घंटे मोबाइल का लोकेशन ऑन रखना होगा। इसपर नजर रखी जाएगी। यदि कॉल रिसीव नहीं करेंगे तो स्पेशल टीम जांच करेगी। जिला प्रशासन सोशल डिस्टेंसिंग के लिए हर दिन अभियान चला रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रतिष्ठान सील किए जा रहे हैं। इसमें छह मजिस्ट्रेट की टीम लगी है। वहीं टाटा स्टील द्वारा सोमवार से कोविड से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
शहर में पहली बार... न कलश यात्रा निकली, न भक्त पहुंचे, सादगी से पूजा
गाइडलाइन के बीच शनिवार काे शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हुआ। नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन भीड़ नहीं थी। लोगों ने शारीरिक दूरी का ध्यान रखा, जिन्होंने मास्क नहीं लगा रखा था, उन्हें मंदिरों में प्रवेश नहीं करने दिया गया। मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं के हाथ भी सैनेटाइज कराए गए। पंडित महेश मिश्रा ने बताया कि घट स्थापना शक्ति की देवी का आह्वान होता है। वहीं बंगाली समाज में षष्ठी के दिन से पूजा शुरू होगी।
नदी से जल लाने सिर्फ पांच से सात लाेग ही पहुंचे
शहर में कलश यात्रा नहीं निकाली गई। प्रमुख पंडालों में 5 से 6 लोग वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर मां की आराधना की। मनोकामना मंदिर से बीते साल 700 महिलाएं कलश यात्रा में शामिल हुई थीं। इसबार चंद लोग ही गए।
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