संगीत कला महाविद्यालय में स्वर्गीय मुकेश चंद्र माथुर की 44वीं पुण्यतिथि संगीत कला महाविद्यालय में छात्र-छात्राएं और वरिष्ठ कलाकारों ने मनाया। इस अवसर पर कलाकारों ने गायक मुकेश के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कार्यक्रम में कोरोना के चलते बिना श्रोता के सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सीमित मात्रा में सिर्फ छात्र-छात्राएं एवं वरिष्ठ कलाकार ही उपस्थित थे।
इस मौके पर संगीत कला महाविद्यालय के निदेशक प्रमोद सोनी ने कहा कि संगीत के दीवानों के लिए गायक मुकेश जहां एक तोहफा थे। वही गायकी की दुनिया में वह एक नायाब हीरा थे। 1940 से 1976 के बीच सैकड़ों फिल्मी गीत गाए जो काफी हिट रहे और आज भी लोगों को दिल और दिमाग पर उनकी गीतों की दीवानगी छाई रहती है। मैलोडी मेकर्स के निदेशक दया शंकर गुप्ता ने कहा गायक मुकेश के बारे कुछ भी कहना सूरज को दिया दिखाने जैसा है।
जब तक संगीत की दुनिया कायम रहेगा तब तक मुकेश की आवाज अमर रहेगा। इस अवसर पर गोपाल कश्यप ने जाने कहां गए वो दिन..., किशोर अंबस्ट ने सजन रे झूठ मत बोलो..., सुधांशु कुमार ने जोशे जवानी हाय रे हाय निकले जिधर से धूम मचाए..., धारा केशरी ने सावन का महीना पवन करे शोर..., विवेक शर्मा ने हम छोड़ चले हैं महफिल को याद आए कभी तो मत रोना..., मनीष कुमार ने डम डम डिगा डिगा मौसम भीगा भीगा..., अखिलेश चंद्रवंशी ने चांदी की दीवार न तोड़ी प्यार भरा दिल तोड़ दिया..., प्रियंका कुमारी ने किसी राह मे किसी मोड़ पर हमें चल ना देना तू छोड़कर..., अरुणिमा खुशी ने जिन्हें हम भूलना चाहे तो अक्सर याद आते हैं...,
वैष्णवी कुमारी ने एक प्यार का नगमा है मौजों की रवानी है..., परी ने वो परी कहां से लाऊं तेरी दुल्हन जिसे बनाऊं..., धर्मेंद्र कुमार मैं तो हर मोड़ पर तुझे दूंगा सदा...गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर संगीत कला महाविद्यालय के संचालक एम पी केशरी, किशोर कुणाल पासवान, मनोज द्विवेदी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम संगीत कला महाविद्यालय के निर्देशक प्रमोद सोनी के निर्देशन में किया गया।
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