प्रखंड के हूर मध्या गांव स्थित हजरत अब्दुल लतीफ बियाबानी रहमतुल्लाह अलैह (अंजान शहीद रहमतुल्ला अलैह) के सालाना उर्स-ए-पाक के मौके पर अकीदतमंदों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए चादरपोशी करने के साथ ही सिरनी फातेहा कराया।हजरत अब्दुल लतीफ बियाबानी रहमतुल्लाह अलैह के मजार पर अकीदतमंदों का पहुंचने का दौर आज सुबह से ही शुरू हो गई थी। हालांकि इस वर्ष वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण मजार पर अकीदतमंदों की भीड़ नही देखी गई। काफी कम संख्या में अकीदतमंद मजार के पास पहुंचे थे। वहीं इस वर्ष मेला का भी आयोजन नही किया गया था। अकीदतमंदों की भीड़ पर नियंत्रण को लेकर दो जगहों पर बैरिकेडिंग की गई थी। साथ पुलिस के जवान भी तैनात किए गए थे। इसके मुहर्रम इंतजामिया कमेटी के सदर महफूज कुरैशी, सेक्रेटरी मासूम खान,
बदरुद्दीन, नईम सिद्दीकी, अब्दुल मनान, अब्दुल बारीक व बबलू भी वहां की स्थिति पर नजर रखने को लेकर तैनात थे। इस अवसर पर महफूज कुरैशी ने कहा कि जिला प्रशासन के द्वारा जो निर्देश है। उसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा। इसमें कोई कोताही नही बरती जाएगी। विदित हो कि इस वर्ष के पूर्व मुहर्रम के सात तारीख को आयोजित होने वाली हजरत अब्दुल लतीफ बियाबानी रहमतुल्लाह अलैह के उर्स- ए- पाक के मौके पर अकीदतमंदों की काफी भीड़ होती थी। यहां गढ़वा जिला सहित झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेशों के अकीदतमंद पहुंचते थे। साथ ही अकीदतमंद अपने-अपने मन्नत के मुताबिक चादर पोशी करने के साथ ही सिरनी फातिहा कराते थे। लेकिन इस वर्ष वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण कई अकीदतमंद उर्स-ए-पाक के मौके पर नहीं पहुंच पाए।
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