कुरासिया अंडर ग्राउंड खदान में भरे पानी की निकासी अब तक नहीं हो सकी है। खदान के मुहाने से पानी निकालने की योजना असफल होने के बाद कॉलरी प्रबंधन जगह-जगह बोर करवाकर पानी निकालने की तैयारी में है। मंगलवार को तीन बोर करवाए गए हैं। जिससे मोटर पंप लगाकर पानी खींचा जाएगा। क्षेत्र में बारिश ने एक बार फिर एसईसीएल प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है।
दो दिन से जिलेभर में मध्यम बारिश हो रही है। दिन रात चल रहे सात मोटर के बाद भी कुरासिया खदान में पानी कम नहीं हुआ है। डेढ़ महीने से कोयला उत्पादन को रोककर प्रबंधन पानी निकालने की जुगत में लगी है, लेकिन सफलता अब तक नहीं मिली है।
नुकसान को देखते हुए कंपनी ने यहां से तीन सौ से अधिक कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया है। वहीं बिगड़ी व्यवस्था के बाद एसईसीएल की काॅलोनियों में पानी टैंकर से जलापूर्ति करवाई जा रही है। अब जगह-जगह 7 बोर करवाकर सबमर्सिबल पम्प से पानी निकालने की तैयारी की गई है। इधर जानकारों की माने तो डेढ़ महीने से बंद हुए खदान से कॉलरी को अब तक 7 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। ब्लास्टिंग से खदान के ऊपरी हिस्से में आई दरार की भराई नहीं होने से बारिश का पानी रिसकर खदान तक पहुंच रहा है। इसमें खदान के कई फेस पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। खदान के मशीनरी व पानी निकासी के लिए लगाए पम्प भी डूबे हैं। एसईसीएल महाप्रबंधक घनश्याम सिंह ने बताया कि वे पूरा प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द खदान में भरे पानी की निकासी कर उत्पादन शुरू किया जाए।
शाम तक 3 बोर हुए सफल
कुरासिया में मंगलवार की दोपहर तक प्रबंधन ने दो बोर करवाए। दोनों बोर पहली कोशिश में ही सफल रहे। देर शाम तक तीसरा बोर करवाया गया। खान अफसरों ने बताया कि बोर का पानी कुरासिया नाले में छोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ने पर और बोर करवाए जाएंगे।
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