बुधवार को पांचवें दिन भी शहर सहित जिले भर में लोगों ने खराब मौसम का सामना किया। बुधवार को भी लोगों को सूर्य नारायण के दर्शन नहीं हो सके। सुबह से ही आसमान में काली घटाएं थी और तेज बारिश की आशंका भी बनी हुई थी। दोपहर में रुक रुक कर कई बार तेज बारिश भी हुई। इसके बाद शाम 5:00 बजे से शुरू हुए रिमझिम फुहार का दौर रात तक चलता रहा। हालांकि लॉकडाउन की वजह से लोगों को घर से बाहर नहीं निकलना था इसलिए इस खराब मौसम के कारण ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। पर बीते 5 दिनों से इस भीगे मौसम से लोग अब ऊब चुके हैं। लोग धूप निकलने और आसमान साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
इस खराब मौसम की वजह से लोग सबसे ज्यादा अपनी सेहत को लेकर चिंतित हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट आ गई है और दिन का तापमान भी 23 डिग्री से ऊपर नहीं रह पा रहा है। आलम यह है कि लोगों को पंखे बंद करने पड़ गए हैं। भीगे और ठंडे मौसम में सबसे ज्यादा डर सर्दी खांसी और बुखार का होता है। बच्चे और बुजुर्गों को खतरा ज्यादा होता है। लोगों को डर है कि यदि खराब मौसम के कारण बच्चे या बुजुर्ग बीमार पड़ते हैं तो लॉकडाउन के इस समय में एक तो उन्हें घर से निकाल कर अस्पताल ले जाना मुश्किल होगा और दूसरी और अगर अस्पताल पहुंच भी गए तो कोरोना की वजह से उचित उपचार नहीं मिल पाएगा। पहले कोरोना की जांच होगी उसके बाद दवा दी जाएगी। इसके अलावा जीवनशैली बीमारियों से जूझ रहे लोगों के सामने खुद को स्वस्थ रख पाना भी एक चुनौती सी बन गई है। शुगर, हार्ट सहित अन्य कई बीमारियों के मरीजों को मॉर्निंग या इवनिंग वॉक करना बेहद जरूरी होता है। पर सुबह शाम हो रही बारिश की वजह से लोग वॉक नहीं कर पा रहे हैं। जिससे बीमारियों के बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा कोरोना से ठीक हुए मरीजों के लिए भी ऐसा मौसम सही नहीं है। कोरोना संक्रमण के कारण शरीर में कमजोरी देखी जा रही है।
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