केतार प्रखण्ड अंतर्गत लोहरगाड़ा पंचायत में स्थल पर बिना जलमीनार लगाए लाखों रुपए निकासी करने का मामला प्रकाश में आया है। इसको लेकर लोहरगाड़ा पंचायत विधायक प्रतिनिधि अंजनी शुक्ला एवं उप मुखिया अनीता देवी ने स्थानीय विधायक भानु प्रताप शाही को आवेदन देकर लोहरगाड़ा पंचायत में मुखिया एवं पंचायत सेवक के द्वारा पंचायत निधि के लाखों रुपये का बंदरबांट कर जलमीनार नहीं लगाए जाने की जांच करने की गुहार लगाई है।
विधायक प्रतिनिधि एवं उप मुखिया ने आवेदन में उल्लेख किया है कि भारत स्वराज योजना की पोर्टल से 14 वें वित्त योजना में लगभग 29 लाख रुपए की लागत से लोहरगाड़ा पंचायत में जलमीनार योजना की स्वीकृति दी गई थी जो ग्राम सभा के माध्यम से चिन्हित सातों स्थल पर बोर कर या पहले से बोर किए गए चांपाकल में जलमीनार लगाना था। परंतु इस आदेश के विपरीत सारे नियमों को ताक पर रख कर 7 स्थल पर जलमीनार लगाने की जगह मात्र 3 जलमीनार लगा कर श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य एजेंसी के नाम से फर्जी बिल लगा कर नियमतः 11 लाख 54 हजार की जगह 17 लाख 69 हजार यानी 6 लाख 14 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई है जो जांच का विषय है।
भारत स्वराज पोर्टल के अनुसार तीन लाख चौरासी हजार छः सौ रुपए की लागत से जलमीनार की स्वीकृति दी गई लेकिन योजना स्थल पर चार जलमीनार नहीं लगाई गई। जिसमें लोहरगाड़ा पंचायत के ग्राम हुरका के प्रजापति टोला में राजेंद्र प्रजापति के घर के पास, मेरौनी में अनिल राम के घर के पास, गुरुर गांव के आमरखा टोला में मुन्नी पासवान एवं नवलेश कुमार के घर के पास जलमीनार नही बनाई गई और पैसे की निकासी कर ली गई जिसका भौतिक सत्यापन विधायक प्रतिनिधि अंजनी शुक्ला ने स्थल निरीक्षण के दौरान किया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने विधायक भानु प्रताप शाही से जांच कर कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इस सबंध में विधायक भानु प्रताप शाही से संपर्क नहीं हो पाया। वहीं बीडीओ संदीप अनुराज टोपनो ने बताया कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है जो अति गंभीर मामला है। इसकी तत्काल जांच करवाई जाएगी। दोषियोंं पर कार्रवाई की जाएगी।
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