ज्यादती की शिकार रिटायर्ड बीसीसीएल अधिकारी की बेटी ने बुधवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रतिमा उरांव की अदालत में दप्रसं की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया। पीड़िता ने बयान में प्राथमिकी का समर्थन करते हुए काेर्ट काे सारी बातें बताईं। 10 पन्नाें में पीड़िता का बयान दर्ज किया गया है। पीड़िता के बयान को लिफाफे में सील कर सीजेएम कोर्ट को भेज दिया गया है। आईओ ने सीजेएम अर्जुन साव की अदालत में पीड़िता का धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था।
सीजेएम की अदालत ने पीड़िता का बयान कराने के लिए न्यायिक दंडाधिकारी प्रतिमा उरांव की अदालत में भेज दिया था। गाैरतलब है कि पीड़िता ने बादल गाैतम पर ज्यादती करने और रुपए तथा गहने छीन लेने का आराेप लगाते हुए बैंक माेड़ थाने में शिकायत की थी। बादल पर 25 लाख रुपए और गहने रख लेने का भी आराेप है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मंगलवार काे शिकायतकर्ता की मेडिकल जांच कराई थी।
हथियार का भय दिखाकर आवेदनों पर कराया हस्ताक्षर
पीड़िता ने अपने बयान में जिक्र किया कि पूर्व में पुलिस के वरीय अधिकारियाें काे जाे आवेदन दिए गए हैं, उन सभी आवेदनाें पर हथियार का भय दिखा कर हस्ताक्षर कराए गए। एक पत्रकार पर आरोप लगाया कि बादल की मिलीभगत से उसके पुरुष मित्र काे बंधक बनाकर जबरन उससे बयान दिलाया गया। पीड़िता ने काेर्ट काे बताया कि किस तरह बादल गाैतम काेलकाता से लेकर दिल्ली, जालंधर व कानपुर आदि जगहाें पर ले गया और उसे ज्यादती का शिकार बनाया। बंधक बना कर फिराैती की राशि वसूली करने के बाद उसके सारे गहने रख लिए।
बादल गौतम की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू
काेर्ट में पीड़िता का बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस ने आराेपी बादल की तलाश शुरू कर दी। उसके माेबाइल फाेन की सीडीआर और लाेकेशन की जांच की जा रही है। सूत्राें के मुताबिक, एफआईआर दर्ज हाेने के बार बादल गाैतम ने अपना माेबाइल नंबर बदल लिया है।
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