Breaking

Sunday, October 4, 2020

हजारीबाग के विवेक ने टीम के साथ जम्मू में चार साथियों का बदला 11 आतंकियों को मारकर लिया

जम्मू-कश्मीर में वेली कट कमांडो को आतंकवादियों का काल कहा जाता है। इस समूह में शामिल होने के लिए एनएसजी ब्लैक कट कमांडो की ट्रेनिंग अनिवार्य होती है। ऐसा इसलिए कि आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने के लिए खासकर घाटी में कुशल कमांडो की जरूरत होती है। यह स्पेशल टीम सीआरपीएफ की है। हजारीबाग राम नगर के निवासी विवेक कुमार तिवारी इसी स्पेशल टीम का हिस्सा हैं। ये पिछले चार साल से इस विशेष टीम में शामिल हैं।
घाटी में पिछले चार साल में इन्होंने अपने चार साथियों को खोया।

इस चार साल में कई बार मौत इनको छूकर निकल गई। विवेक कुमार तिवारी ने दूरभाष पर बताया कि घाटी में ड्यूटी के दौरान हर एक सेकंड काफी महत्वपूर्ण होता है। किसकी गोली में किसका नाम लिखा है, यह कोई नहीं जानता है। सिर्फ लक्ष्य को निर्धारित कर ऑपरेशन किया जाता है। कहा कि अपने चार साथियों का बदला हमने 11 आतंकवादियों को मार कर लिया। कमांडो ने बताया कि वर्दी पहन कर देश को दुश्मनों से बचाने का सपना बचपन से था। स्कूली जीवन में ही मैंने एनसीसी ज्वाइन कर फौज में भर्ती होने का रास्ता बनाया। एनसीसी का सबसे उच्च सम्मान पाया। रिपब्लिक डे पर दिल्ली परेड में झारखंड से मैं इकलौता कैडेट था। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर रामनगर से स्कूलिंग के बाद संत कोलंबा महाविद्यालय से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। ग्रेजुएशन करने के ही दौरान विवेक फौज में भर्ती हो गए। 2017 में ये सीआरपीएफ के ईएलटीटीई कमांडो टीम में शामिल हो गए। इनकी पहली पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में हुई। उसके बाद लद्दाख चले गए। अब घाटी में सेवा दे रहे हैं। विवेक के पिता नंद कुमार तिवारी दरिया, ईचाक में सहायक शिक्षक हैं। वे बेटे को फौज में नहीं भेजना चाहते थे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Hazaribagh's Vivek avenges four teammates in Jammu by killing 11 terrorists


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/33rnoyq

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Pages