रिम्स के लेबर रूम से गुरुवार की शाम एक नवजात बच्चे की चाेरी का मामला सामने आया है। बच्चे की मां मालती देवी और पिता संताेष घासी ने आराेप लगाया है कि रिम्स के चिकित्सकाें ने उसके बच्चे काे गायब कर दिया है। जबकि, दूसरा बच्चा कमजाेर हाेने की बात कहकर डाॅक्टर्स उसका इलाज कर रहे थे।
ऐसे में इलाज के लिए हमलाेगाें से 25 हजार रुपए भी खर्च करवा दिए। अब बच्चे के गायब हाेने के बाद डाॅक्टर्स बाेल रहे हैं कि उन्हें नहीं मालूम। ऐसे में लेबर रूम के बाहर मालती देवी और उसके परिजन धरने पर बैठ गईं। लगातार 3 घंटे तक बच्चे की मांग करने के बाद रिम्स प्रबंधन और वहां के सुरक्षा-कर्मियाें ने उसे वहां से हटाया।
मां-बाप का आरोप बच्चे की दादी रोज उसे देखने जाती थी, गुरुवार को नहीं दिखा
मालती देवी ने बताया कि 10 दिसंबर काे लेबर पेन हाेने के बाद वह लातेहार से रिम्स पहुंची और भर्ती हुईं। 11 दिसंबर की सुबह 4 बच्चे उसने जुड़वा बच्चे काे जन्म दिया था। ऐसे में 14 दिसंबर काे दाेनाें बच्चाें में से एक बच्चे की माैत हाे गई। दूसरा बच्चा कमजोर होने के कारण उसका इलाज दूसरे वार्ड में चल रहा था, जिसके कारण उसका बच्चा उसके पास नहीं था। बच्चे की दादी उसे राेज देखने के लिए जाया करती थी। गुरुवार दाेपहर 3 बजे जब वह बच्चे काे देखने के लिए गई ताे उन्हाेंने देखा कि बच्चा नहीं है। ऐसे में उन्हाेंने डाॅक्टर्स से पूछा ताे डाॅक्टर्स बाेल रहें हैं कि उन्हें नहीं मालूम।
परिजनाें का आराेप झूठा है
बच्चे के माता-पिता झूठ बाेल रहे हैं। मालती देवी ने 11 दिसंबर काे नहीं 14 दिसंबर काे एक ही बच्चे काे जन्म दिया था, जिसके बाद मालती देवी और परिजन बच्चे काे लेकर अंतिम संस्कार करने के लिए अपने घर लातेहार चले गए थे। अब आकर झूठा आराेप लगा रहे हैं। फिलहाल, शुक्रवार काे मामले की जांच की जाएगी। - डाॅ. संजय कुमार, डीएस रिम्स
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