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Wednesday, September 23, 2020

बैंड-बाजा-शामियाना, लेकिन यह नजारा किसी विवाह समाराेह का नहीं समाराेहाें में 300 मेहमानाें की अनुमति के लिए डेकाेरेटराें के प्रदर्शन का है

बैंड-बाजे की धुन के बीच शामियाना टंगा और उसमें काउंटर भी सजे। लेकिन यह नजारा किसी शादी या रिसेप्शन समारोह का नहीं है। असल में, धनबाद जिला डेकोरेटर एसोसिएशन की ओर से बुधवार को शहर के एलसी रोड में मानव शृंखला बनाई गई। इसमें एसोसिशन की 16 शाखाओं से जुड़े करीब 1200 सदस्य शामिल हुए। उन्होंने इसके जरिए राज्य सरकार की ओर से शादी समारोह में अधिकतम 50 मेहमानों के शामिल होने की बाध्यता समाप्त करने की मांग उठाई।

उनका कहना है कि इस बाध्यता के कारण ही शहर में समारोहों का बड़े पैमाने पर आयोजन नहीं हो रहा है और इस वजह से ही उन्हें बुकिंग भी नहीं मिल रही है। डेकोरेटरों का व्यवसाय चौपट हो गया है। इससे जुड़े हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। इसलिए 300 मेहमानों को शामिल होने की अनुमति मिलनी चाहिए, तभी डेकोरेटरों की बुकिंग मिलेगी और उनका व्यवसाय पटरी पर लौट सकेगा।

50 के शामिल हाेने के अादेश काे देख लाेग नहीं करा रहे बुकिंग- प्रदीप
धनबाद जिला डेकाेरेटर एसाेसएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि 7 महीने से डेकाेरेटर से जुड़े व्यापारियाें का काम पूरी तरह से बंद है। पूरे देश में शादी समाराेह में 100 लाेगाें के शामिल हाेने की इजाजत सरकार की ओर से दी गई है, लेकिन झारखंड में अब भी 50 लाेगाें के शामिल हाेने की बाध्यता है। इसे खत्म करना चाहिए। प्रदर्शन में फ्लावर, कैटरिंग, बैंड, लाइट एंड डेकाेरेशन के व्ययवसाय से जुड़े लोग अपने स्टाॅफ और साजो-सामान के साथ शामिल हुए। उन्होंने सरकार से राहत की मांग की है।



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Band-Baja-Shamiana, but this view is not of any marriage ceremony, but of the decorator's performance to allow 300 mehmanas in samarahena


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