प्रदेश सहित जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जनता ने जागरूकता का परिचय एक बार फिर से दिया है। जिला प्रशासन द्वारा 1 सप्ताह के लिए किए गए संपूर्ण लॉकडाउन का जनता ने भी पूरी तरह पालन किया। लॉकडाउन के पहले दिन बुधवार को सभी लोग अपने अपने घरों में ही रहे। दुकानें पूरी तरह से बंद रही। शहर के बाजार के अलावा गली-मोहल्लों की छोटी दुकानों में भी ताला लटका रहा। लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। दिन भर शहर की मुख्य सड़कों के अलावा गली मोहल्लों की सड़कों में भी सन्नाटा पसरा रहा।
लॉकडाउन के पहले दिन शहर के मेन रोड, गौरवपथ, महाराजा चौक रोड, पुरानीटोली रोड, बजार रोड, कॉलेज रोड पूरी तरह से सुनसान रहे। दिनभर सड़कों पर गाड़ियों की आवाज तक सुनाई नहीं पड़ी। मुख्य सड़कों के अलावा गली-मोहल्लों की सड़कों पर भी ऐसी वीरानी छाई थी जैसे पूरा शहर ही खाली हो गया हो। शहर के बनियाटोली, करबला रोड, बिरसामुंडा रोड, मस्जिद गली, सन्ना रोड, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित अन्य मोहल्लों की सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ था। बड़ी बात है कि लोग घर की आंगन तक में नहीं निकले। दिनभर मकानों की छत खाली थे।
इन सेवाओं से जुड़े लोगों को मिली है छूट
लॉकडाउन की इस अवधि में कार्यालय कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक शहर, ग्रामीण, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, थाना एवं पुलिस चौकी, कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी, बिजली, पेयजल आपूर्ति एवं नगर पालिका सेवाएं जिसमें सफाई, सीवरेज एवं कचरे का डिस्पोजल इत्यादि भी शामिल है तथा अग्निशमन सेवाओं के कर्मचारियों पर किसी भी तरह का प्रतिबंध लागू नहीं है।
बाहर तैनात रहे पुलिस के जवान
शहर में जगह-जगह पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। पुलिस व ट्रैफिक पुलिस के जवान शहर के हर चौक-चौराहों पर ड्यूटी करते हुए दिखाई पड़े। इक्का-दुक्का आदमी यदि बाहर नजर आ रहे थे तो उनसे जवानों ने पूछताछ की। पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने शहर के मुख्य मार्गों के अलावा वार्डों का भ्रमण किया।
न बस नहीं चली बाइक भी नहीं दिखी
जिला प्रशासन ने 7 दिनों के लिए किसी भी तरह के परिवहन को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया है। यही वजह है कि शहर की सड़कों पर सुबह से शाम तक वीरानी छाई हुई थी। चारपहिया क्या लोग बाइक से भी अपने घरों से नहीं निकले। सिर्फ पुलिस व ट्रैफिक पुलिस के वाहन के सायरन दिनभर सुनाई पड़ते रहे।
झड़ी के मौसम में परिवार के साथ बिताया वक़्त
बुधवार को दिनभर भीगा हुआ मौसम रहा। सुबह से रुक-रुक कर कई बार बारिश हुई और शाम को झड़ी लग गई। यह मौसम ऐसे भी घर से निकलने के लायक नहीं था। यही वजह है कि लॉकडाउन के पहले दिन लोग आराम से अपने घरों में परिवार के साथ रहे।
जनता कर्फ्यू की तरह दिखा असर
संपूर्ण लॉकडाउन का असर 22 मार्च की जनता कर्फ्यू की तरह ही देखने को मिला। शहर के मुख्य सड़कों के अलावा गली मोहल्ले के सभी सड़कें सुनी थी। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक वीरानी छाई हुई थी। ग्रामीणों ने भी लॉकडाउन का पालन किया और गांव के लोग भी अपने घरों से नहीं निकले। गांव में ना तो नुक्कड़ों पर लोग जुटे और ना ही किसान खेतों में काम करने के लिए गए। संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा रविवार को जिला प्रशासन द्वारा कर दी गई थी। आवश्यक वस्तुओं की खरीदी के लिए 2 दिन का समय लोगों को मिला था। सोमवार मंगलवार को खरीदारी के लिए बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ भी देखने को मिली थी।
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