बैंक माेड़ फ्लाईओवर की राज्य सरकार के स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। यह फ्लाईओवर फिलहाल किसके जिम्मे है, यह स्पष्ट करने के लिए पथ निर्माण विभाग के सचिव ने अपने धनबाद कार्यालय के साथ-साथ स्टेट हाइवे अथाॅरिटी ऑफ झारखंड (एसएचएजे) और नेशनल हाइवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) काे पत्र भेजा है। सचिव ने उनसे एक सप्ताह के अंदर स्थिति स्पष्ट करने काे कहा है।
उसके बाद तय किया जा सकेगा कि किस एजेंसी काे फ्लाईओवर के रख-रखाव की जिम्मेवारी साैंपी जाए। अभी इन तीनाें में से काेई नहीं कह रहा कि यह किसके जिम्मे है।
तीनाें एजेंसियाें ने कहा- अब उनके पास नहीं है यह जिम्मा
पथ निर्माण विभाग के अधिकारी बताते हैं कि साल 2016 में एनएच-32 समेत इस फ्लाईओवर काे एनएचएआई काे साैंप दिया गया था। वहीं, एनएचएआई का कहना है कि उन्हें इस सड़क काे 4 लेन का बनाने के लिए साैंपा गया था। बाद में यह काम एसएचएजे काे दे दिया गया, ताे फ्लाईओवर की जिम्मेवारी भी उसी की हाे गई। जब एसएचएजे के अधिकारियाें से पूछा गया, ताे उन्हाेंने कहा कि एनएच-32 काे चाैड़ाकर 4 लेन का बनाने की डीपीआर में फ्लाईओवर का जिक्र नहीं है, इसलिए उस पर काेई काम नहीं हुआ।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/32YNEjA






No comments:
Post a Comment