काफी समय से पानी के लिए परेशान लोगाें की मांग जब किसी ने नहीं सुनी तो मुड़पार गांव के युवाओं ने चंदा कर करीब डेढ लाख रुपए एकत्रित किए और पाइप लाइन डालने के लिए खुद ही जुट गए। उनका यह जज्बा देख सभी गांववालाें ने भी सहयोग किया। करीब एक सप्ताह की मेहनत के बाद लोगों को पीने का पानी मिलने लगा।
गुरूर ब्लाॅक के ग्राम पंचायत जेवरतला के आश्रित ग्राम मुड़पार के लाेगाें ने सामुदायिक सहभागिता की मिसाल पेश की है। शासन के पास गुहार लगाने पर ध्यान नहीं दिया ताे गांव के लाेगाें ने चंदे से डेढ़ लाख जमा कर श्रमदान कर गांव के लाेगाें के घराें तक पाइप लाइन लगाकर पानी पहंुचाया। इस गांव में केवल 90 घर है। गांव के लाेगाें का व्यवसाय खेती करना है। गांव में पेयजल के लिए पाइपलाइन का अभाव हाेने पर ग्रामीणाें ने कई बार सरकार के पास गुहार लगाई, लेकिन काेई फायदा नहीं हुअा। जब किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिला तब खुद पहल शुरू की। तब ग्रामवासियों ने आपस मे चंदा से पैसे इकट्ठा करने का विचार किया। देखते-देखते मेहनत रंग लाने लगी। सभी के सहयाेग से डेढ़ लाख जमा हाेने के बाद गांव में पाइप लाइन विस्तार का काम शुरू किया।
एक सप्ताह में दूर हो गई समस्या
गांव के सभी लाेगाें ने पाइप लाइन बिछाने के लिए श्रमदान कर गड्ढा खाेदा अाैर एक सप्ताह में इस समस्या का निराकरण कर दिया गया। ग्रामीण फलेश्वर अठभैया, गणेश साहू, चेतन सोनवानी, भेनु, रमन, गिरधर, छन्नू, कविलास, हेमन्त, बाला, दाऊलाल,नोहर, नूतन ने बताया कि पूर्व में भी ग्रामवासी अपनी सुविधा की मांग शासन से करते आ रहे थे। गांव में साहू समाज के भवन निर्माण के लिए शासन से कोई मदद नहीं मिली। तब सभी ने श्रमदान कर 4 लाख की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण किए थे।
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