नियमितीकरण की मांग को लेकर बेमियादी हड़ताल पर गए जिले के करीब 300 एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार को हड़ताल के दौरान की जा रही कार्रवाई से नाराज होकर सामूहिक त्याग पत्र दे दिया है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ कोरिया के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रवक्ता, सह संरक्षक एवं मीडिया प्रभारी ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के सभी सदस्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा के विभिन्न पद पर योजना प्रारंभ होने से आज पर्यंत कार्यरत हैं, लेकिन हमारी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं हो पा रही है। सभी एनएचएम कर्मचारी बार-बार समस्याओं एवं मांगों से शासन-प्रशासन को अवगत करा रहे हैं, बावजूद इसके सकारात्मक कदम शासन द्वारा नहीं उठाया गया है। कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। इधर एनएचएम अधिकारी- कर्मचारियों के त्याग पत्र से जिले की कोविड-19 की समस्त रिपोर्टिंग, जांच एवं सैंपलिंग प्रभावित हो रही है। कोविड में प्रति दिन हजारों सैंपलिंग होती थी जो आज सिमट कर दो अंकों तक पहुंच गई है। होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित मरीजों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिले की मातृत्व स्वास्थ्य, गैर संचारी रोग मधुमेह, हाइपर टेंशन, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है। मलेरिया, टीबी एवं कुष्ठ के मरीजों को दवाइयों का वितरण नहीं हो पा रहा है। एनआरसी में भर्ती मरीजों को वापस घर जाना पड़ रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि दमनकारी नीति अपनाते हुए कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है जिसे ध्यान में रखकर जिले के सभी कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से अपना त्याग-पत्र दे दिया है।
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