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Wednesday, September 23, 2020

गिरदावरी के बहाने खेत की मेड़ और नाली को रकबे से हटाने का भाजपाइयों ने किया विरोध

छग शासन द्वारा राज्य के किसानों के खेत के रकबा के नए सिरे से निर्धारण के लिए राजस्व विभाग के माध्यम से गिरदावरी रिपोर्ट बनाई जा रही है। रिपोर्ट द्वारा किसानों के खेत के रकबे को कम करने का षडयंत्र कर किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। इसको लेकर भाजपा ने राज्यपाल के नाम एसडीएम प्रेमलता मंडावी को ज्ञापन सौंपा है।
राजस्व विभाग द्वारा बनाए जा रहे गिरदावरी रिपोर्ट में खेत के मेड़, नाली, पंप हाउस को किसानों के कुल रकबे में से काट कर खेत में बोए गए धान का रकबा कम कर किसानों से कम धान खरीदने की तैयारी की जा रही है। पूरे रकबा के के आधार पर धान खरीदी हो इसको लेकर ज्ञापन सौपा है इस दौरान बुधनू पटेल, निखिल राठौर, ललित गांधी, सचिन दुबे, कुंदन साहू, मोहन कुरैशी, ज्वाला जैन, डिगेश खापर्डे आदि उपस्थित थे।
गिरदावरी के नाम से रकबा कम करने का किया विरोध : भाजपा मंडल के पदाधिकारियों ने बुधवार को राज्यपाल के नाम एसडीएम कार्यालय पखांजूर में ज्ञापन सौंप गिरदावरी के नाम पर किसानों का रकबा कम करने का विरोध किया। एसडीएम की अनुपस्थित में ज्ञापन नायब तहसीलदार पखांजूर सुनील धु्रव को सौपा गया।
भाजपा के पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष नारायण साहा, बबलू सरकार, गोपी घोष, राजेश नायर ने कहा वर्तमान में शासन की ओर से जो गिरदावरी कराई जा रही है, उसकी आड़ में शासन किसानों के धान का रकबा कम करने का खेल खेल रही है। इसकी आढ़ में किसानों के खेत में मेड़, पेड़, नाली पंप हाउस आदि का रकबा काटा जा रहा है, ताकि किसानों के धान का रकबा कम कर धान खरीदी कम की जा सके। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नारायण साहा ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने को किसान पुत्र कहते हैं और इस सरकार को किसानों की सरकार कहते हैं, लेकिन हर वर्ष यह सरकार किसानों को ही ठग रही है।

नरहरपुर मंडल ने भी किया विरोध
नरहरपुर |
भाजपा मंडल नरहरपुर द्वारा राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर गिरदावरी के नाम पर किसानों का रकबा कम करने का विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने कहा राज्य सरकार के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा किसानों को खेत का सर्वे कर कृषि भूमि के रकबे को कम कर किसानों के धान का विक्रय लिमिट को कम करने का षडय़ंत्र रचा जा रहा है। इस दौरान छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड पूर्व अध्यक्ष व राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त एवं सदस्य प्रदेश कार्यसमिति रायपुर भरत मटियारा उपस्थित थे।

धान रकबा आंकलन के काले नियम को वापस ले राज्य सरकार
दुर्गूकोंदल।
राज्य सरकार द्वारा किसानों के खेतों में गिरदावरी कराकर रकबा करने का नियम लाई है। इसका भाजपा विरोध करती है। इसको लेकर कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। मंडल अध्यक्ष पीलम नरेटी ने नए आदेश को किसानों का रकबा कम दर्शाकर धान की कम खरीदी करने की सरकार की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा धान बेचने के लिए भूमि की पंजीयन के लिए गिरदावरी का काम चल रहा है। इसमें जिस रकबे में धान बोया जाता है, उस रकबे को कम किया गया है। सरकार किसानों की धान नहीं खरीदना चाहती, बल्कि उसकी मंशा येन-केन प्रकारेण धान का जो क्षेत्र है, उसमें कटौती करने का है। भाजपा मंडल सरकार से मांग करती है कि इस काले नियम के जरिए किसानों को और राजस्व विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों को प्रताड़ित करना बंद किया जाए। धान खरीदी के लिए किसानों के पट्टे में दर्ज रकबे के अनुसार धान खरीदी का आदेश जारी किया जाए। इस मौके पर शकुंतला नरेटी, राधा जैन, अशोक जैन, जोहन गावड़े, देवेद्र टेकाम, फूलसिंह मंडावी, सोमल जैन, धनराज टांडिया, जगतराम दुग्गा, मनोज दुग्गा, यशवंत तिवारी, भुनेश्वर राना आदि उपस्थित थे।

गिरदावरी के नाम पर छल कर रही राज्य सरकार
आमाबेड़ा | भाजपा मंडल आमाबेड़ा द्वारा राज्यपाल के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार आमाबेड़़ा को ज्ञापन सौंपकर गिरदावरी का विरोध किया। पदाधिकारियों ने कहा राज्य सरकार के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा किसानों की खेती का सर्वे कृषि भूमि के रकबा को कम कर किसानों के धान का विक्रय लिमिट को कम करने का षडय़ंत्र रचा जा रहा है। इससे गरीब किसान अपने धान की विक्रय से वंचित हो जाएंगे।



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BJP leaders opposed the removal of the ridge and drain from the field on the pretext of Girdawari


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