शासकीय अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारी दो दिन सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसी क्रम में सूरजपुर में दो और तीन नवंबर को सभी कर्मचारी अवकाश पर जाएंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन और छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रान्तीय संयोजक अनिल शुक्ला और ओपी शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में सामूहिक अवकाश पर रहने की घोषणा की गई है। इसके लिए जिले के सभी संवर्गों के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश के लिए आवेदन दिया है। संघ की प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों को 50 लाख का बीमा व कोरोना से मृत्यु पर 50 लाख की अनुग्रह राशि, तत्काल अनुकंपा नियुक्ति, सभी कर्मचारियों को मूलवेतन का 10 प्रतिशत प्रतिमाह जोखिम भत्ता, जुलाई 2020 में रोकी गई वार्षिक वेतनवृद्धि व लंबित मंहगाई भत्ते का भुगतान करने, स्वास्थ्य विभाग के सभी संवर्गों के कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, कोरोना संक्रमित कर्मचारी की चिकित्सा प्रतिपूर्ति व अन्य देयकों का तत्काल भुगतान करने, नवीन पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, योग्यता धारी कर्मचारी की संभाग व जिला स्तर पर पदोन्नति करने, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, कोरोना के अंतर्गत सक्रिय रूप से काम कर रहे कर्मचारियों को 14 दिन ड्यूटी पश्चात 7 दिन क्वारेंटाइन करने की मांग शामिल हैं। फेडरेशन के जिला संयोजक अशोक उपाध्याय ने बताया कि संघ पदाधिकारियों के प्रयास से जिले के सभी संवर्ग के जागरूक कर्मचारियों ने आन्दोलन को सफल बनाने के लिए स्वप्रेरित होकर अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है। सभी ब्लाक में तथा सीएमएचओ को आन्दोलन की सूचना दे दी गई है। आन्दोलन को सफल बनाने के लिए जिलाध्यक्ष आरपी राजवाड़े के नेतृत्व में इन्द्रसेन विश्वकर्मा, नरेन्द्र ठाकुर, सबीना मंसूरी, दिलासरी लकड़ा, राकेश जायसवाल, अयोध्या जायसवाल, विद्याचरण पटेल, विनोद तिवारी, डीआर राजवाड़े, एसडी पाव, संजय सिन्हा, ओंकार साहू, गोपाल शरण सिंह आदि जुटे हुए हैं।
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