कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए क्षेत्रों में प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराएं, ताकि कंटेनमेंट जोन घोषित करने का उद्देश्य सार्थक हो, जिन्हें छूट मिली है उन्हें ही मास्क लगाकर बाहर निकलने दें, बाकी को बिल्कुल घर से नहीं निकलने दें।
यह निर्देश कलेक्टर संजीव कुमार झा ने अफसरों को दिए हैं। कलेक्टर झा ने कहा कि कंटेनमेंट जोन घोषित क्षेत्रों में प्रतिबंधों के निगरानी और अनुपालन के लिए एसडीएम व तहसीलदार जिम्मेदार होंगे। विशेष सेवाओं को ही छूट दिया गया है इसलिए दुकानों पर विशेष निगरानी रखें। कोई भी दुकानदार पिछले दरवाजे से सामान न बेच सके। सभी कंटेनमेंट जोन में पुलिस पेट्रोलिंग टीम का गठन करें। कंटेनमेंट जोन के लिए चिन्हांकित क्षेत्र की सीमाओं की बेरिकेटिंग कराएं और पुलिस के साथ अन्य विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाएं। पेट्रोलिंग या निगरानी के दौरान लोगों के साथ दुर्व्यवहार न करें, स्वयं के साथ समझाइस दें और नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती से जुर्माना वसूलें। परीक्षार्थियों को आने-जाने के लिए उनके प्रवेश-पत्र को ही सक्षम पास माना जाए। चिकित्सा कर्मियों को आने-जाने में कोई रोक न लगाएं।
एप से भी जारी होगा ई-पास, प्ले स्टोर पर है उपलब्ध
कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी को लॉकडाउन अवधि में तत्काल रायपुर जैसे कोविड हॉट स्पॉट जगह जाने की जरूरत पड़ती है तो वे राज्य शासन द्वारा विकसित मोबाइल एप सीजी कोविड-19 ई-पास से बहुत ही आसानी से ई-पास प्राप्त कर सकते हैं। यह एप एंड्रॉइड मोबाइल में प्ले स्टोर से डाउन लोड किया जा सकता है।
बिना अनुमति मुख्यालय से बाहर न रहें अधिकारी
कलेक्टर ने कहा कि लॉकडाउन अवधि में विशेष कार्यों की जरूरत होती है। ऐसे में कोई भी अधिकारी-कर्मचारी अपने मुख्यालय से बाहर न रहे। जिला स्तरीय अधिकारी जिला मुख्यालय से बाहर जाने पर कलेक्टर और अन्य कर्मचारी ब्लॉक मुख्यालय से बाहर जाने पर संबंधित एसडीएम से अनुमति लेकर ही मुख्यालय छोड़ें। बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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