झारखंड गठन के बाद पहली बार राज्य का स्थापना दिवस समारोह सादगी से मनाया जाएगा। 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा। लगभग 15 अगस्त की तर्ज पर ही राज्य स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। अगले सप्ताह इससे संबंधित गाइडलाइन या एसओपी जारी कर दी जाएगी। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी।
हालांकि सादगी से स्थापना दिवस समारोह मनाने के पीछे सरकार की कोई और मंशा नहीं है। यह वैश्विक महामारी कोरोना का इफेक्ट है। इसके अलावा कोरोना को लेकर केंद्र सरकार द्वारा 30 सितंबर को अनलॉक- 5 में बड़े राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक आयोजनों की छूट नहीं दी गई है। इसको ध्यान में रख कर ही राज्य सरकार इस बार राज्य स्थापना दिवस समारोह को सीमित और सादगी में तब्दील करने पर सहमत हुई है।
समारोह मोरहाबादी मैदान में ही आयोजित हो सकता है
राज्य का स्थापना दिवस समारोह मोरहाबादी मैदान में ही आयोजित किया जा सकता है। उसमें प्रबुद्ध लोगों के अलावा कोरोना से जुड़े योद्धाओं को बुलाया जा सकता है। बाहर से किसी बड़ी हस्ती को बुलाने अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की योजना नहीं है। समारोह में अाम लोगों को आमंत्रित करने पर भी इस बार प्रतिबंध रहेगा।
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